उत्तर प्रदेश : बाहुबली नेता डीपी यादव को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत l

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता डीपी यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने उनकी जेल अवधि को निलंबित कर जमानत देने से इनकार किया है. यादव ने मेडिकल आधार पर राहत मांगी थी l

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उसका अपराध गंभीर है. अपील में तेजी आ सकती है लेकिन हम आपकी सजा को स्थगित नहीं कर सकते. जेल आपको मेडिकल सुविधाएं दे सकती है l

यादव 26 साल पहले गाजियाबाद के विधायक महेंद्र भाटी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता डीपी यादव की जमानत बढ़ाने की याचिका दाखिल की थी. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सर्जरी की इजाजत दे दी. 19 अक्टू बर को गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में सर्जरी होगी. कोर्ट ने अस्पताल से 22 अक्टूबर तक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है. सुप्रीम कोर्ट 23 अकटूबर को मामले की सुनवाई करेगा.

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने डीपी यादव को सर्जरी कराने की इजाजत दे दी थी. कोर्ट ने डॉक्टरों से रिपोर्ट मांगी थी कि वे स्पाइनल सर्जरी के लिए फिट हैं या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर डॉक्टरों की रिपोर्ट में फिट नहीं बताया गया तो हम आपको वापस जेल भेज देंगे. आपके वायरल बुखार का इससे कोई लेना देना नहीं है l

दरअसल डीपी यादव ने अंतरिम जमानत का वक्त बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. यादव ने कहा है कि वायरल बुखार होने की वजह से उनकी सर्जरी नहीं हो पाई. लिहाजा 15 दिन और चाहिए. डीपी यादव को 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए स्वास्थ्य के आधार पर 15 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने शर्त लगाई कि निचली अदालत में एक करोड़ रुपये और इतने की ही दो श्योरटी जमा कराएं. ऋषिकेश के AIIMS में स्पाइनल सर्जरी होनी है. निचली अदालत ने डीपी यादव को हत्या का दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है और वे देहरादून जेल में बंद है I

24 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में सजायाफ्ता बाहुबली नेता डीपी यादव को 16 नवंबर को देहरादून जेल में सरेंडर करने के निर्देश दिए थे. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर कहा था कि 19 अक्टूबर को उसकी सर्जरी हो चुकी है और तीन नवंबर को अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी I

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